मध्य प्रदेश में कफ सिरप की वजह से कई बच्चों की मौत की खबरें सामने आ रही हैं। इस बीच उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग में सतर्क हो गया है। उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग उक्त बैच के सभी कफ सिरप को बैन कर दिया गया है। दवा विक्रेताओं को भी निर्देश दिए गए हैं कि वह इस बैच के कफ सिरप को ना बेचें। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सम्मानित कफ सिरप के सर पर भी दिए जा रहे हैं । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह निर्देश दिए हैं कि इस मामले में बरती जाए। जांच एजेंसियों को कहा गया है कि वह दवा में प्रयुक्त प्रोपलीन ग्लाइकाल के सैंपल की जांच करें। मेसर्स फार्मास्युटिकल की आरआईएफ सिरप में एथेलिन ग्लाइकाल जैसे जहरीले कैमिकल होने की आशंका जताई जा रही है।