मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में दिए बड़े निर्देश, सिविल सर्जनों की वित्तीय शक्ति 10 गुना बढ़ेगी
चंडीगढ़, 21 जून। हरियाणा सरकार राज्य के सरकारी अस्पतालों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दावा किया है कि आने वाले समय में हरियाणा के सरकारी अस्पताल निजी अस्पतालों से भी अधिक सुविधा संपन्न होंगे। इसके लिए अस्पतालों के नवीनीकरण, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता, सौर ऊर्जा के उपयोग और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
रविवार को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सिविल सचिवालय में स्वास्थ्य विभाग, सरकारी अस्पतालों के आधुनिकीकरण और मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
12 जिलों के अस्पतालों का हो रहा कायाकल्प
मुख्यमंत्री ने अंबाला, भिवानी, चरखी दादरी, फरीदाबाद, हिसार, कैथल, महेंद्रगढ़, पलवल, पंचकूला, रेवाड़ी, सोनीपत और नूंह के जिला अस्पतालों में चल रहे नवीनीकरण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अस्पतालों को इस स्तर तक विकसित किया जाए कि आम लोगों को निजी अस्पतालों का विकल्प तलाशने की आवश्यकता न पड़े।
आयुष्मान योजना के मरीजों का बढ़ा भरोसा
सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ने का असर आयुष्मान भारत योजना पर भी दिखाई दे रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 में जहां केवल 8.83 प्रतिशत मरीजों ने सरकारी अस्पतालों में इलाज करवाया था, वहीं 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 32 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इसके तहत सरकार ने 126 करोड़ रुपये के इलाज बिलों का भुगतान किया है।
सिविल सर्जनों को मिलेगी ज्यादा वित्तीय शक्ति
मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में विकास कार्यों को गति देने के लिए सिविल सर्जनों की वित्तीय स्वीकृति सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने के निर्देश दिए। इससे छोटे-छोटे कार्यों के लिए लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
अस्पतालों में उपलब्ध हैं 140 प्रकार की जांच सुविधाएं
सरकारी अस्पतालों में अब एमआरआई, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, डिजिटल एक्स-रे सहित लगभग 140 प्रकार के आधुनिक टेस्ट उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री ने सभी लैब को हाई-टेक बनाने, साफ-सफाई, पेयजल, एसी, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने के निर्देश भी दिए।
सभी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में लगेंगे सोलर पैनल
ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों की छतों पर सोलर पैनल लगाने के निर्देश दिए। इन सोलर प्लांट्स को नेट मीटरिंग के माध्यम से बिजली ग्रिड से जोड़ा जाएगा ताकि अतिरिक्त बिजली भी उपयोग में लाई जा सके।
महिलाओं के लिए बढ़ेंगी कैंसर जांच सुविधाएं
महिलाओं में स्तन कैंसर की समय पर पहचान के लिए पंचकूला, रेवाड़ी, सोनीपत, कुरुक्षेत्र, पानीपत, करनाल, नारनौल और गुरुग्राम के सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल में मैमोग्राफी मशीनें स्थापित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने अन्य जिलों में भी ऐसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य संस्थानों में होगा व्यापक पौधारोपण
सरकार ने इस मानसून सीजन में स्वास्थ्य संस्थानों में 17 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों के अनुसार अब तक 3 हजार पौधे लगाए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इन सुविधाओं का लाभ अधिकतम संख्या में लोगों तक पहुंचे।
FAQs
1. हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में क्या बड़े बदलाव होने जा रहे हैं?
अस्पतालों का नवीनीकरण, आधुनिक उपकरणों की स्थापना, सोलर पैनल, हाई-टेक लैब और बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
2. किन अस्पतालों में मैमोग्राफी मशीनें लगेंगी?
पंचकूला, रेवाड़ी, सोनीपत, कुरुक्षेत्र, पानीपत, करनाल, नारनौल और गुरुग्राम सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल में।
3. सिविल सर्जनों की वित्तीय शक्ति कितनी बढ़ाई जाएगी?
वित्तीय स्वीकृति सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये की जाएगी।
4. क्या सरकारी अस्पतालों में सोलर पैनल लगाए जाएंगे?
हाँ, सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे।
5. आयुष्मान भारत योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या कितनी बढ़ी है?
2024-25 में 8.83 प्रतिशत मरीजों की तुलना में 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 32 प्रतिशत हो गई है।
Discover more from bharat Now Tv
Subscribe to get the latest posts sent to your email.