हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्रिमंडल को रबी सीजन 2026-27 के लिए सभी अधिसूचित फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में ऐतिहासिक बढ़ोतरी के लिए बधाई दी। उन्होंने इसे ऐतिहासिक और किसान हितैषी कदम बताते हुए कहा कि यह बढ़ोतरी न केवल लाखों किसानों की आजीविका सुनिश्चित करेगी बल्कि हाल ही में अमेरिकी सरकार द्वारा भारतीय कृषि निर्यात पर लगाए गए टैरिफ का भी सशक्त जवाब है।
श्याम सिंह राणा ने कहा कि इससे किसानों को लाभकारी मूल्य, ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा, घरेलू खपत में वृद्धि और वैश्विक व्यापार में भारत की मजबूती सुनिश्चित होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह फैसला 2018-19 के केंद्रीय बजट में किए गए उस वादे को पुनः पुष्ट करता है जिसमें एमएसपी को अखिल भारतीय उत्पादन लागत के औसत से कम से कम 1.5 गुना तय करने का लक्ष्य रखा गया था।
कृषि मंत्री ने बताया कि गेहूं की नई एमएसपी 2585 रुपए प्रति क्विंटल हुई है जिसमें 160 रुपए की बढ़ोतरी हुई है, जौ की एमएसपी 2150 रुपए प्रति क्विंटल हुई है जिसमें 170 रुपए की बढ़ोतरी हुई है, चना की एमएसपी 5875 रुपए प्रति क्विंटल हुई है जिसमें 225 रुपए की बढ़ोतरी हुई है, मसूर की एमएसपी 7000 रुपए प्रति क्विंटल हुई है जिसमें 300 रुपए की बढ़ोतरी हुई है, सरसों/तोरी की एमएसपी 6200 रुपए प्रति क्विंटल हुई है जिसमें 250 रुपए की बढ़ोतरी हुई है और सूरजमुखी की एमएसपी 6540 रुपए प्रति क्विंटल हुई है जिसमें सबसे अधिक 600 रुपए की बढ़ोतरी हुई है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इन दरों में उत्पादन लागत, श्रम, खाद-बीज और पारिवारिक श्रम सहित सभी पहलुओं को ध्यान में रखा गया है। उन्होंने इसे किसानों की आमदनी बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में वित्तीय प्रोत्साहन सुनिश्चित करने वाला निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को जीएसटी कटौतियों और लॉजिस्टिक्स खर्च के बावजूद शुद्ध लाभ मिलेगा और यह कदम आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
श्री राणा ने कहा कि यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विजन से मेल खाता है। साथ ही, केंद्र सरकार ने मिशन फॉर आत्मनिर्भरता इन पल्सेज़ (2025-26 से 2030-31) को मंजूरी दी है जिसके तहत 11 हजार 440 करोड़ रुपए का व्यय होगा। इसका लक्ष्य 2030-31 तक दलहन उत्पादन को 350 लाख टन तक बढ़ाना, क्षेत्रफल 310 लाख हेक्टेयर और उपज 1130 किलो प्रति हेक्टेयर तक बढ़ाना है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार सभी 24 फसलों की खरीद केंद्र द्वारा तय एमएसपी पर सुनिश्चित कर रही है जिससे कोई किसान पीछे न छूटेगा । उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में कृषि क्षेत्र प्रिसीजन फार्मिंग, ड्रोन मॉनिटरिंग और एआई आधारित सलाह जैसी तकनीकों के माध्यम से तेजी से उन्नति कर रहा है।